मंगलवार, 23 फ़रवरी 2010

आरज़ू तो बहुत है मगर

आरज़ू तो बहुत है मगर 
इक  दोस्त हमसफ़र  मिल  जाए गर 
तो जन्नत न बने बेशक  मगर 
कुछ  आसान हो जाये यह सफ़र 

कोई हो जो मेरी सुने 
कभी कुछ  अपनी कहे 
डूबने लगूं कभी अगर
तो हाथ थाम  मुझको 
साहिल पे खींच ले 
बिखरने लगूं कभी बेखबर 

कस के मुझे बाहों में भींच ले

कोई हो जो काँटों सी राहों को 

फूलों से भर दे 
आंसूं भरी आँखों को 
अपनी पलकों से पोछ  दे  
आरज़ू तो बहुत है मगर ....

सोमवार, 22 फ़रवरी 2010

तुझको ढूंढता हूँ मैं

कितना ढूँढा तुझको
कहाँ कहाँ न  तेरी टोह ली
गलियों, चौराहों, बाजारों में  
कभी ख्वाबों के गलियारों में
तेरी महक  पकड़ता घूमता हूँ मैं
हाँ तुझको ढूंढता हूँ मैं 


कोई टीस  दिल  में है
कोई कसक  है कहीं
जाने किस  कशिश  के चलते
दीदार को तरसता हूँ मैं
हाँ तुझको ढूंढता हूँ मैं

कभी खिलखिलाए, मुस्कुराये,
महकते चेहरों के बीच
ओस  सी ठंडी तेरी मीठी हसी को
आँखों से पीता हूँ मैं
 हाँ तुझको, तुझको ही ढूंढता हूँ मैं ......

रविवार, 21 फ़रवरी 2010

मैं क्या हूँ


आज सोचने बैठा हूँ कि मैं क्या हूँ 
सोचूं तो इक ज़र्रा, इक सूखा पत्ता हूँ 
सोचूं तो इक चट्टान इक तूफ़ान हूँ
उमीदों, सपनो, आशाओं का इक दरया हूँ 
इक जोश का झोंका हूँ , हवा हूँ मैं 
इक आंसूं हूँ पलकों पे ठहरा हूँ 
इक याद हूँ सीने में दबा हूँ 
इक फ़रियाद हूँ होंठों पे सजा हूँ मैं 
इक बादल हूँ बिन बात बहकता हूँ  
इक शोला हूँ दिन रात सुलगता हूँ 

फिर देखूं तो बस क्या हूँ मैं 
वो सोच जो तेरे दिल में है 
बस गीली मिटटी हूँ 
मन से, कर्म से अपने 
रौंद सहला सवार मुझको  
जो तेरे दिल में है वो बना दे मुझको .....

एक बात

इन खामोशियों को जो सुन सकता था 
इस दुनिया के शोर ने 
शायद उसे बहरा कर दिया है 
खामोशियां बधिर कानो से टकरा 
रेशा रेशा बिखर रही हैं 
टूट रही हैं .. ख़त्म हो रही हैं ..
इन आँखों के आंसूं कुछ  कहना तो चाहते हैं 
पर बेबस  ठिठक कर रह जाते हैं 
और एक  बात कहीं रास्ते में दम  तोड़कर रह जाती है ...

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2010

July Seattle





















I sit here in july seattle,
waiting for the rain to stop,
and I think of you my heart,
how I wish I could fly.
And you enjoy the Vegas summer
chasing the dream mirage
others sit in the same room
pretending to be present here
when they are actually wandering
on their own disillusioned paths.........